Dr Arun Mitra 3rd March 2026 at 4:34 PM Regarding protest against US-Israeli attack on Iran
अमेरिका–इज़राइल की भी की सख्त आलोचना
इंडियन डॉक्टर्स फॉर पीस एंड डेवलपमेंट(IDPD), सोशल थिंकर्स फोरम और भारत जन ज्ञान विज्ञान जत्था द्वारा मिनी सचिवालय लुधियाना में किए गए संयुक्त प्रदर्शन के प्रतिभागियों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका–इज़राइल की सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा की। साम्राज्यवादी शक्ति के इस खुले प्रदर्शन ने तबाही मचाई है, पहले से ही नाजुक क्षेत्र को और अस्थिर किया है और लाखों नागरिकों को डर और अनिश्चितता में धकेल दिया है। हर युद्ध की तरह, सबसे अधिक पीड़ा महिलाओं और बच्चों को सहनी पड़ती है। नागरिक ढांचे पर, जिसमें एक प्राथमिक स्कूल भी शामिल है, किए गए हमले की रिपोर्टें—जिसमें 153 मासूम बच्चों की मृत्यु हुई—इस आक्रामकता के क्रूर और नाजायज़ चरित्र को उजागर करती हैं।
यह हमला राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में निहित सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। कूटनीतिक वार्ताओं के बीच की गई सैन्य कार्रवाई दोहरे चरित्र को दर्शाती है और यह स्पष्ट करती है कि ऐसे हस्तक्षेपों को शांति या लोकतंत्र नहीं, बल्कि शासन परिवर्तन की महत्वाकांक्षा चला रही है। किसी सरकार की आलोचना करने या उसे बदलने का अधिकार केवल उस देश के लोगों को है—किसी विदेशी शक्ति को नहीं जो रणनीतिक प्रभुत्व स्थापित करना चाहती हो।
इस युद्ध के प्रभाव ईरान की सीमाओं से कहीं आगे तक फैलेंगे। यह स्थिति क्षेत्रीय अस्थिरता के माध्यम से वैश्विक शांति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और लाखों लोगों के जीवन और आजीविका के लिए खतरा बन सकती है—जिसमें पश्चिम एशिया में काम कर रहे लगभग एक करोड़ भारतीय भी शामिल हैं।
हम ईरान के लोगों के साथ, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ, अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हैं, जो भू-राजनीतिक दुस्साहस की सबसे भारी कीमत चुका रहे हैं।
यह गहरी चिंता का विषय है कि यह तनाव क्षेत्र में उच्च स्तरीय कूटनीतिक संपर्कों के बाद बढ़ा है। भारत सरकार को चाहिए कि वह इस अवैध आक्रमण के खिलाफ स्पष्ट और सिद्धांत आधारित रुख अपनाए और तत्काल युद्धविराम तथा शांति की बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयास शुरू करे।
युद्ध कोई समाधान नहीं है। यह निर्दोष लोगों पर थोपी गई तबाही है।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाबी भवन से मार्च निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचकर डोनाल्ड ट्रम्प और नेतन्याहू के पुतले जलाए।
इस अवसर पर बोलने वालों में डॉ. अरुण मित्रा, एम.एस. भाटिया, सुरिंदर कौर गिल, डॉ. गुरचरण कौर कोचर, डॉ. कुसम लता, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, रमेश रतन, गुरवंत सिंह, डॉ. परम सैनी, इंद्रजीत सिंह सोढ़ी, डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. सीरत, मलकीत मालरा, भारत भूषण गोयल शामिल थे।
इस मौके पर अन्य लोगों में अजीत जवद्दी, अवतार छिब्बर, रामाधार सिंह, राम चंद, डॉ. एसके नागेश, अनोद कुमार, करण राय, जय प्रकाश नारायण, जोगिंदर पाल, बीएम फ्रेडरिक, कंवल नरूला, दान सिंह और चरण सिंह मौजूद थे।
इस अभियान में शामिल होने के लिए डॉ. अरुण मित्रा से संपर्क किया जा सकता है
उनका नंबर है मोबाइल फोन नंबर है: 9417000360

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